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विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम 2025 के तहत शाहजहांपुर में किसान–मजदूर सम्मेलन आयोजित प्रभारी मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने वितरित किए स्वीकृति प्रमाण पत्र व ट्रैक्टर की चाबी


स्टेट ब्यूरो हेड योगेन्द्र सिंह यादव ✍🏻 

शाहजहांपुर, 08 जनवरी।

उत्तर प्रदेश सरकार के मा० राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग तथा जनपद के प्रभारी मंत्री श्री नरेन्द्र कश्यप के मुख्य आतिथ्य में गन्ना शोध परिषद, शाहजहांपुर में विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम 2025 के अंतर्गत किसान–मजदूर सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के दौरान माननीय मंत्री द्वारा हेल्प ग्रुप संतोषी मां, प्यारा भारत एवं मां सीता को सीसीएल फंड के अंतर्गत ₹1.50 लाख के स्वीकृति प्रमाण पत्र वितरित किए गए, साथ ही कृषक मोहित को ट्रैक्टर एवं कृषि यंत्रों की चाबी प्रदान की गई।


प्रधानमंत्री की दूरदर्शी सोच का परिणाम है विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम

अपने संबोधन में मा० मंत्री श्री नरेन्द्र कश्यप ने कहा कि विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम 2025 एक अत्यंत महत्त्वपूर्ण एवं जनकल्याणकारी योजना है। उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने देश के 140 करोड़ नागरिकों को परिवार मानते हुए रोजगार, समृद्धि और आत्मनिर्भरता की दिशा में ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत 11वीं अर्थव्यवस्था से चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना है और अब लक्ष्य है कि भारत शीघ्र ही विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बने। किसानों, मजदूरों, गरीबों और वंचित वर्गों के हित में लिए गए निर्णयों से देश का सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण हुआ है।


मनरेगा से आगे बढ़कर जनउपयोगी और पारदर्शी योजना

मा० मंत्री ने कहा कि पहले मनरेगा योजना केवल गड्ढा खोदने और भरने तक सीमित रह गई थी, जिससे भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की शिकायतें आती थीं। प्रधानमंत्री जी ने इस योजना को रूपांतरित कर विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम 2025 के रूप में अधिक पारदर्शी, तकनीक आधारित और जनउपयोगी बनाया है।

उन्होंने बताया कि—

  • बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य होगी
  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से निगरानी की जाएगी
  • धन की बर्बादी रुकेगी
  • लाभ सीधे पात्र लाभार्थियों तक पहुंचेगा

ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों की रोजगार गारंटी

मा० मंत्री ने बताया कि संसद द्वारा पारित विकसित भारत–रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) अधिनियम के तहत अब ग्रामीण परिवारों को 100 दिन के बजाय 125 दिनों की रोजगार गारंटी मिलेगी, जो मेहनतकश ग्रामीण समाज के लिए ऐतिहासिक बदलाव है।

उन्होंने यह भी बताया कि—

  • यदि कार्य मांगने पर रोजगार नहीं मिलता, तो बेरोजगारी भत्ता स्वतः मिलेगा
  • मजदूरी भुगतान में देरी होने पर विलंब का मुआवजा दिया जाएगा
  • रोजगार अब वास्तविक कानूनी अधिकार बन गया है

ग्राम सभा को मिलेगी योजना निर्माण की पूर्ण स्वतंत्रता

मा० मंत्री ने कहा कि अब सभी कार्यों की योजना ग्राम सभा में ही तय होगी। ग्राम पंचायतें अपनी विकसित ग्राम पंचायत योजना तैयार करेंगी। किसी भी प्रकार का कार्य ऊपर से नहीं थोपा जाएगा।

कार्य की चार प्रमुख श्रेणियां होंगी—

  1. जल सुरक्षा एवं संरक्षण
  2. ग्रामीण अवसंरचना विकास
  3. आजीविका संवर्धन
  4. जलवायु परिवर्तन एवं प्रतिकूल मौसम से निपटने के कार्य


प्रशासनिक व्यवस्था और पारदर्शिता होगी और मजबूत

उन्होंने बताया कि—

  • प्रशासनिक मद 6% से बढ़ाकर 9% कर दी गई है
  • ग्राम रोजगार सहायकों एवं तकनीकी कर्मियों की सेवाएं सुरक्षित होंगी
  • सभी कार्य विकसित भारत राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना स्टैक पर दर्ज होंगे
  • दोहराव और भ्रष्टाचार पर प्रभावी रोक लगेगी

कृषि कार्यों को मिलेगा संरक्षण

मा० मंत्री ने बताया कि बुवाई एवं कटाई जैसे प्रमुख कृषि कार्यों के लिए 60 दिन की अवधि निर्धारित की गई है, जिसमें इस अधिनियम के अंतर्गत कोई कार्य नहीं कराया जाएगा, जिससे कृषि गतिविधियां बाधित न हों।


मौजूदा कार्य सुरक्षित, नए अवसर और अधिक

उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान में चल रहे मनरेगा कार्य पूरी तरह सुरक्षित हैं। विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम लागू होने के बाद और अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे तथा गांवों का विकास और तेज होगा।


जिलाधिकारी ने व्यक्त किया आभार

जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने कार्यक्रम के अंत में आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना को लेकर जनपद के गांवों में सेमिनार आयोजित किए गए हैं और माननीय मंत्री का संदेश किसानों व मजदूरों तक प्रभावी रूप से पहुंचेगा।


उपस्थित प्रमुख गणमान्य

महापौर अर्चना वर्मा, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अपराजिता सिंह, जिलाध्यक्ष केसी मिश्रा, महानगर अध्यक्ष शिल्पी गुप्ता, परियोजना निदेशक अवधेश राम, जिला विकास अधिकारी ऋषिपाल सिंह, कृषि उपनिदेशक पुरुषोत्तम कुमार मिश्र, जिला कृषि अधिकारी विकास किशोर सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।



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