ब्यूरो रिपोर्ट: पप्पू कुमार चौहान
सकरन, सीतापुर,विकास खंड सकरन की चर्चित ग्राम पंचायत सुमरावा में मनरेगा योजना का गंभीर दुरुपयोग सामने आया है। कागजों में प्रतिदिन सैकड़ों मजदूरों की उपस्थिति दर्ज की जा रही है, जबकि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। ग्रामीणों का आरोप है कि पात्र गरीब मजदूर स्थानीय स्तर पर काम न मिलने के कारण पलायन कर चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद मास्टर रोल में उनकी उपस्थिति दिखाई जा रही है।
ग्रामीणों के अनुसार रोजगार सेवक द्वारा गांव के कुछ युवाओं को मोबाइल रिचार्ज और थोड़ी रकम का लालच देकर केवल फोटो खिंचवाने के लिए कार्यस्थल पर बुलाया जाता है। इन्हीं तस्वीरों के आधार पर एनएमएमएस ऐप में फर्जी उपस्थिति दर्ज की जा रही है। जिन मजदूरों के नाम मास्टर रोल में दर्ज हैं, वे न तो काम पर आते हैं और न ही उनकी फोटो ली जाती है।
गांव के महेश, कल्लू, संतोष, मालती, सोनू, गुड्डू और नीरज ने बताया कि ग्राम पंचायत में मनरेगा के साथ-साथ ग्राम निधि में भी बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया गया है। वहीं, गौशाला की स्थिति बेहद खराब होने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे हुए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधान, रोजगार सेवक और तकनीकी सहायक की मिलीभगत से प्रतिदिन हजारों रुपये का फर्जीवाड़ा किया जा रहा है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि मनरेगा कार्यों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई नहीं की गई और स्थानीय मजदूरों को काम नहीं मिला, तो वे शीघ्र ही जिलाधिकारी सीतापुर से शिकायत करेंगे।
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