राजकीय विद्यालयों में NDRF ने सिखाए आपदा प्रबंधन के गुर, बच्चों को मिला जीवन रक्षा का व्यावहारिक प्रशिक्षण


 स्टेट ब्यूरो हेड योगेन्द्र सिंह यादव ✍🏻 

शाहजहांपुर | 09 जनवरी 2026

जिलाधिकारी शाहजहांपुर  के निर्देशन में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) के समन्वय से आज जनपद के दो प्रमुख शिक्षण संस्थानों— राजकीय इंटर कॉलेज, खिरनीबाग एवं राजकीय कन्या इंटर कॉलेज, शाहजहांपुर में आपदा प्रबंधन एवं जन-जागरूकता शिविर का सफल आयोजन किया गया।

इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की प्रशिक्षित टीम द्वारा छात्र-छात्राओं को प्राकृतिक एवं मानव निर्मित आपदाओं के समय त्वरित बचाव, आत्म-सुरक्षा एवं दूसरों की सहायता करने के प्रभावी उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण के प्रमुख बिंदु

NDRF के विशेषज्ञों द्वारा मॉक ड्रिल, लाइव डेमो और व्यावहारिक अभ्यास के माध्यम से निम्नलिखित विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया—

  • भूकंप एवं अग्निकांड से बचाव:
    भूकंप के दौरान ड्रॉप, कवर और होल्ड तकनीक की जानकारी तथा आग लगने की स्थिति में अग्निशमन यंत्रों (फायर एक्सटिंग्विशर) के सुरक्षित एवं सही प्रयोग का प्रदर्शन।

  • प्राथमिक चिकित्सा (First Aid):
    घायल व्यक्तियों को अस्पताल ले जाने से पूर्व दी जाने वाली प्राथमिक सहायता, जैसे— सीपीआर (CPR), अत्यधिक रक्तस्राव रोकने की तकनीक एवं फ्रैक्चर की स्थिति में तत्काल सहायता।

  • घरेलू संसाधनों से सुरक्षा उपाय:
    बाढ़ या जलभराव की स्थिति में घर में उपलब्ध खाली बोतलों, डिब्बों एवं अन्य साधनों से अस्थायी लाइफ जैकेट एवं राफ्ट तैयार करने की विधि।

  • सर्पदंश एवं अन्य आपात परिस्थितियाँ:
    सर्पदंश एवं अन्य आकस्मिक घटनाओं में घबराने के बजाय धैर्यपूर्वक कार्य करने, प्राथमिक उपाय अपनाने तथा आपदा राहत हेल्पलाइन नंबरों के प्रयोग की जानकारी।


“जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव”

NDRF टीम द्वारा विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा गया कि बच्चे समाज के सजग प्रहरी हैं। यदि वे आपदा प्रबंधन के इन आवश्यक कौशलों को सीख लेते हैं, तो वे न केवल स्वयं की सुरक्षा कर सकते हैं बल्कि संकट की घड़ी में अपने परिवार एवं समाज के लिए भी सहायक बन सकते हैं।

इस अवसर पर दोनों विद्यालयों के प्रधानाचार्य, शिक्षकगण, जिला आपदा विशेषज्ञ एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। विद्यालय प्रशासन द्वारा इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी एवं जीवनोपयोगी बताया गया।



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