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स्वामी शुकदेवानंद महाविद्यालय में सात दिवसीय प्रबंधकीय विकास कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ


 स्टेट ब्यूरो हेड योगेन्द्र सिंह यादव ✍🏻 

शाहजहांपुर।

स्वामी शुकदेवानंद महाविद्यालय के वाणिज्य विभाग में आयोजित सात दिवसीय प्रबंधकीय विकास कार्यक्रम का शुभारंभ अत्यंत गरिमामय वातावरण में हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत स्वामी शुकदेवानंद जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर की गई। इसके पश्चात संगीत विभाग की डॉ. कविता भटनागर, काजल मिश्रा एवं संजीत कुमार द्वारा मधुर सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई।

बी.कॉम की छात्राओं दीया गुप्ता एवं कशिश रोहरा ने सभी अतिथियों का चंदन तिलक लगाकर स्वागत किया। वाणिज्य विभाग के शिक्षकों डॉ. देवेंद्र सिंह, डॉ. कमलेश गौतम, डॉ. गौरव सक्सेना, डॉ. विजय तिवारी, डॉ. अजय वर्मा, डॉ. संतोष सिंह, अपर्णा त्रिपाठी एवं डॉ. सचिन खन्ना द्वारा अतिथियों को अंगवस्त्र पहनाकर स्मृति चिन्ह भेंट किए गए।

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आर. के. आजाद ने स्वागत भाषण में कहा कि युवा उद्यमियों की शुरुआत भले ही छोटी हो, संसाधन सीमित हों, लेकिन उनका दृष्टिकोण सदैव बड़ा होना चाहिए
मुख्य वक्ता प्रो. नीरज शुक्ला, विभागाध्यक्ष, वाणिज्य विभाग, के.एम.सी. भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ ने कहा कि आज का युग अवसरों से भरा हुआ है। तकनीक, नवाचार, स्टार्टअप संस्कृति और डिजिटल प्लेटफॉर्म ने युवाओं के लिए नए द्वार खोल दिए हैं। नेतृत्व करने वाले लोग अवसरों की प्रतीक्षा नहीं करते, बल्कि स्वयं पहल करते हैं।

इसी विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. मनीष कुमार ने कहा कि जोखिम उठाने की क्षमता, नया करने की इच्छा और सकारात्मक सोच ही सफलता का मूल मंत्र है।
विशिष्ट अतिथि राजन यादव, क्षेत्राधिकारी, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्रालय (एमएसएमई), आगरा ने केंद्र सरकार की विभिन्न रोजगार एवं उद्यमिता प्रोत्साहन योजनाओं की जानकारी देते हुए युवाओं को संसाधनों की कमी से न घबराने की सलाह दी।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. ए.के. मिश्रा ने कहा कि युवा उद्यमी केवल अपने परिवार ही नहीं, बल्कि देश के भविष्य का प्रतिनिधित्व करते हैं, इसलिए उन्हें बड़े सपने देखने और निरंतर प्रयास करने चाहिए।
कार्यशाला के संयोजक प्रो. अनुराग अग्रवाल ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कहा कि कल्पनाशक्ति और निरंतर परिश्रम ही किसी भी उद्यमी की सफलता का आधार होते हैं।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. रूपक श्रीवास्तव द्वारा किया गया। इस अवसर पर ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ एवं स्वामी शुकदेवानंद महाविद्यालय के मध्य शैक्षिक क्रियाकलापों को बढ़ावा देने हेतु एक एमओयू पर हस्ताक्षर भी किए गए। कार्यक्रम का समापन ‘वंदे मातरम’ गीत के साथ हुआ।

कार्यक्रम में ब्रज लाली चौबे, डॉ. मोहनी शंकर, पोथीराम सिंह, अखंड प्रताप सिंह, डॉ. बालवीर, डॉ. अर्चना गर्ग, डॉ. विनीता राठौर, डॉ. गौरव शर्मा, डॉ. केशव शुक्ला, डॉ. मानवेंद्र सिंह वर्मा, डॉ. राजीव कुमार, डॉ. राम शंकर पांडेय, डॉ. सुखदेव, डॉ. आशीष गोयल, डॉ. विजय गुप्ता, सोमना पांडेय सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।



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