स्टेट ब्यूरो हेड योगेंद्र सिंह यादव उत्तर प्रदेश ✍️
लखनऊ। लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस विभाग की विभिन्न इकाइयों की गतिविधियों और भावी कार्ययोजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने वित्तीय वर्ष 2026-27 में यूपी पुलिस में 81 हजार से अधिक पदों पर भर्ती की तैयारी की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी भर्तियां पूरी पारदर्शिता, शुचिता और मेरिट के आधार पर की जाएं तथा आरक्षण नियमावली का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि इससे युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और प्रदेश को एक आधुनिक एवं सशक्त पुलिस बल प्राप्त होगा।
पीआरवी-112 सेवा की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने वर्तमान औसत लगभग 6 मिनट के रिस्पॉन्स टाइम को और कम करने के निर्देश दिए। उन्होंने पीआरवी वाहनों की रणनीतिक तैनाती और सतत मूवमेंट सुनिश्चित करने पर जोर दिया, ताकि आमजन में सुरक्षा का विश्वास और मजबूत हो सके।
मुख्यमंत्री ने राजधानी के महत्वपूर्ण स्थलों जैसे जन भवन, मुख्यमंत्री आवास और पुलिस मुख्यालय में लंबे समय से तैनात पुलिस कर्मियों के स्थानांतरण के निर्देश देते हुए कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और नई ऊर्जा बनाए रखने पर बल दिया।
इसके साथ ही ‘एक तहसील-एक फायर टेंडर’ योजना को लागू करने, प्रत्येक जनपद में हाइड्रोलिक फायर टेंडर की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा सभी तहसीलों में फायर स्टेशन स्थापित करने के निर्देश दिए गए। अग्निशमन सेवाओं को आधुनिक बनाने पर भी विशेष जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने कारागारों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी की व्यवस्था को मजबूत करने, पुलिस रेडियो में ई-ऑफिस लागू करने और 75 जनपदों में डिजिटल व्यवस्था को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। साथ ही जनभागीदारी आधारित सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने के लिए 7,500 नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों के प्रशिक्षण में तेजी लाने को कहा।



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