सीतापुर। उत्तर प्रदेश शासन की अवैध चिकित्सा शमन नीति, कलेक्ट्रेट नागरिक जीवन सुरक्षा चार्टर तथा 'मिशन मासूम' के अंतर्गत अवैध व झोलाछाप चिकित्सकों के विरुद्ध जारी कड़े दमन चक्र के अनुपालन में जनपद सीतापुर में हड़कंप मचा देने वाले दो बड़े गंभीर विलेखीय मामले सामने आए हैं। लालच और संवेदनहीनता के चलते पूरे चिकित्सा विभाग को शर्मसार करने वाली इन घटनाओं में जहाँ एक ओर महोली क्षेत्र में मानव तस्करी व अंतर-जनपदीय बच्चा चोरी सिंडिकेट से जुड़े कथित डॉक्टर को कस्टडी में लेकर जेल भेजा गया है, वहीं दूसरी ओर शहर के बट्सगंज स्थित एक निजी अस्पताल में घोर लापरवाही के कारण प्रसूता की मृत्यु पर कलेक्ट्रेट मजिस्ट्रेट जांच के बाद संचालक सहित चार डॉक्टरों के विरुद्ध गंभीर धाराओं में विधिक मुकदमा दर्ज कर कानून का शिकंजा कसा गया है।
प्राप्त प्रामाणिक आधिकारिक विलेख प्रविष्टि के अनुसार, बरेली जनपद की आंवला व मनौना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए महोली के उर्दोली स्थित स्वर्ण लता मेमोरियल हॉस्पिटल (विश्वास क्लीनिक) के संचालक व कथित झोलाछाप डॉक्टर **संजय विश्वास** (मूल निवासी- पश्चिम बंगाल), उसके साथी **केशवराम** तथा गिरोह की महिला मास्टरमाइंड **सीता** को गिरफ्तार कर लिया है। यह अंतर-जनपदीय सिंडिकेट बरेली के मनौना श्याम मंदिर से अगवा हुए डेढ़ वर्षीय मासूम ऋषभ की बरामदगी के बाद रडार पर आया था। यह गिरोह विभिन्न धार्मिक स्थलों से बच्चों को अगवा कर निसंतान दंपतियों को ५ लाख रुपये तक में बेचता था। गिरोह के तार सीतापुर, लखीमपुर खीरी और बदायूं से जुड़े हैं, जिसमें अब तक कुल ६ आरोपी सलाखों के पीछे जा चुके हैं।
दूसरी ओर, शहर के बट्सगंज स्थित **आरोग्यम चिकित्सालय** में पिपरी मिर्जापुर निवासी हरिओम की पत्नी अंजनी को प्रसव हेतु भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि मोटी रकम व कमीशन के लालच में डॉक्टरों ने जबरन सिजेरियन ऑपरेशन कर दिया। स्थिति बिगड़ने पर प्रसूता को लखनऊ रेफर किया गया, जहाँ इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। जिलाधिकारी अनुज सिंह के निर्देश पर गठित एसडीएम सदर, स्त्री रोग विशेषज्ञ व उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी की ३ सदस्यीय कलेक्ट्रेट जांच समिति की रिपोर्ट में क्रिमिनल लापरवाही पुष्ट होने के उपरांत कोतवाली शहर में मुकदमा पंजीकृत किया गया है।
| 📊 प्रकरण ०१: मानव तस्करी सिंडिकेट (महोली सर्किल) | ⚖️ प्रकरण ०२: आरोग्यम चिकित्सालय FIR विलेख (शहर कोतवाली) |
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• मुख्य कस्टडी अभियुक्त: कथित डॉक्टर संजय विश्वास, केशवराम एवं मास्टरमाइंड महिला सीता। • अपराध संभाग क्लॉज: भीड़भाड़ व धार्मिक स्थलों से बच्चों का अपहरण व ₹५ लाख में अवैध क्रय-विक्रय विसंगति। • क्रैकिंग नोडल फोर्स: बरेली पुलिस (आंवला व मनौना) एवं सीतापुर स्थानीय पुलिस इंटेलिजेंस। |
• सम्बद्ध विधिक धारा: धारा 106(1) भारतीय न्याय संहिता (BNS) - लापरवाही से मृत्यु। • नामजद अभियुक्तगण: १. डॉ. जगत प्रकाश पांडेय (संचालक), २. डॉ. नयनका पांडेय (BAMS), ३. डॉ. तौसीफ इलाही (सर्जन), ४. डॉ. गोविंद प्रकाश (एनेस्थीसिया विशेषज्ञ)। • वादी विलेख प्रविष्टि: उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार देशमणि की शासकीय तहरीर। |
इन दोनों विचलित करने वाली घटनाओं के उपरांत जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की नोडल कमेटियों ने जनपद में संचालित समस्त निजी चिकित्सालयों, अल्ट्रासाउंड केंद्रों तथा पैथोलॉजी लैब्स का सघन विलेखीय ऑडिट शुरू कर दिया है। सीएमओ कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि बिना वैध अर्हता (डिग्री) के 'विश्वास क्लिनिक' जैसी अवैध दुकानें चलाने वाले झोलाछापों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध सीधे गैंगस्टर एक्ट के तहत विधिक कस्टडी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। आरोग्यम हॉस्पिटल के विलेख जब्त कर उसके लाइसेंस निरस्तीकरण की संस्तुति शासन को प्रेषित की जा रही है।
"महोली में क्लीनिक की आड़ में अंतर-जनपदीय बच्चा चोरी सिंडिकेट चलाना और शहर में आरोग्यम हॉस्पिटल के डॉक्टरों द्वारा मोटी रकम के लालच में प्रसूता की जान से खिलवाड़ करना अक्षम्य विधिक विसंगति है। ३ सदस्यीय जांच समिति की प्रविष्टि के आधार पर ४ डॉक्टरों पर १०६(१) BNS के तहत नामजद मुकदमा पंजीकृत हो चुका है। पुलिस कमान को निर्देशित किया गया है कि फरार चल रहे डिफाल्टर डॉक्टरों व बच्चा चोर गिरोह के अन्य संदिग्धों को कस्टडी में लेने हेतु लगातार दबिश दी जाए। जनता के स्वास्थ्य व मासूमों के विधिक अधिकारों से खिलवाड़ करने वाले किसी भी सिंडिकेट को सुशासित सीतापुर में पनपने नहीं दिया जाएगा।" — जिला सुशासन एवं शांति सुरक्षा कमान बुलेटिन
सीतापुर मुख्य कलेक्ट्रेट संभाग, महोली कोतवाली परिक्षेत्र, उर्दोली ग्राम प्रभाग, बट्सगंज चिकित्सा अंचल, पिपरी मिर्जापुर संपर्क मार्ग ग्रिड, लखीमपुर खीरी व बदायूं आउटर बॉर्डर सर्किल्स, बरेली एंटी-ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल, विकास भवन जनसुनवाई पटल और जिला कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के सम्मानित प्रबुद्ध अधिवक्ताओं, संभ्रांत चिकित्सा अधिकार मंचों, विभिन्न समाज सेवी संगठनों तथा पीड़ित नागरिक कल्याण संघों ने 'सच की आवाज वेब न्यूज' के माध्यम से जिले के इन दोनों कड़वे सच को बिना किसी लाग-लपेट के निडरता से उठाने की चौतरफा सराहना की है। कलेक्ट्रेट नागरिक स्वास्थ्य सुरक्षा एवं शांति समन्वय सेल ने पुनः समूचे जागरूक जनपदवासियों से वैधानिक व विनम्र अपील की है कि वे किसी भी आपातकालीन स्थिति में केवल पंजीकृत अस्पतालों (Registered Hospitals) व अधिकृत चिकित्सकों की प्रविष्टियों पर ही भरोसा करें। यदि आपके अंचल, देहाती मजरों, या वार्डों के भीतर झोलाछापों द्वारा क्लीनिक संचालन, संदिग्ध बच्चा चोर गिरोहों की अमर्यादित हलचल, या कलेक्ट्रेट स्वास्थ्य मानकों की खुली अवहेलना परिलक्षित हो, तो मूकदर्शक न रहें; तत्काल इसकी प्रामाणिक डिजिटल सूचना मुख्य चिकित्सा अधिकारी पटल, जिला पुलिस कंट्रोल रूम, संबंधित क्षेत्राधिकारी कार्यालय या मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल **'१०७६'** पर प्रेषित करें। आपकी समयबद्ध सजगता ही सुशासित सीतापुर के सुरक्षित कल की अभेद्य ढाल है।
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