ब्यूरो चीफ अमित गुप्ता के साथ अंकुल गुप्ता की रिपोर्ट
सकरन (सीतापुर):
सीएचसी सांडा से महज कुछ कदम की दूरी पर स्थित शाहपुर गांव के पास एक मेडिकल स्टोर की आड़ में अवैध रूप से क्लिनिक संचालित किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, इस क्लिनिक में बिना किसी चिकित्सा प्रशिक्षण और योग्यता के एक कथित डॉक्टर हसीब द्वारा मरीजों का इलाज किया जा रहा है। मरीजों को रंग-बिरंगी दवाओं से भरी ग्लूकोज की बोतलें चढ़ाकर इलाज के नाम पर लूटा जा रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि हर छोटी-बड़ी बीमारी में मरीजों से अनावश्यक रूप से खून के नमूने लेकर उनसे भारी वसूली की जा रही है। यह तथाकथित डॉक्टर खुद को “बड़का डॉक्टर” बताकर गरीब और अनपढ़ लोगों को गुमराह कर रहा है।
मामला तब और गंभीर हो गया जब यह सामने आया कि उक्त क्लिनिक में झाड़-फूंक और मानसिक प्रभाव के जरिए महिला मरीजों का ब्रेनवॉश कर उन्हें धर्म विशेष के कार्यों में शामिल किया जा रहा है। क्षेत्रीय लोगों ने आरोप लगाया है कि धर्मांतरण की गतिविधियां भी चुपचाप संचालित की जा रही हैं, जिसमें ईसाई धर्म की एक महिला मित्र की भी भूमिका सामने आ रही है।
सूत्रों के मुताबिक, "कैलसिया" नामक कार्यक्रमों के जरिए गोड़ियन पुरवा, कुंभारन पुरवा, शाहपुर, मोहाला, बोहरा, कम्हरिया महरिया, देवरी, सेमरा कला और बेलवा जैसे गांवों में धार्मिक विद्वेष फैलाने और महिलाओं को सनातन धर्म के खिलाफ भड़काने का काम किया जा रहा है।
चौंकाने वाली बात यह है कि यह सब कुछ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सांडा के ठीक पास हो रहा है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन अब तक चुप्पी साधे हुए हैं। ऐसे में यह सवाल उठता है कि जब जिम्मेदार ही मौन हैं, तो कार्यवाही करेगा कौन?
स्थानीय जनता ने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
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