ग्राम रोजगार सेवक वेलफेयर एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश ने शासन एवं प्रशासन से मांग की है कि ग्राम रोजगार सेवकों को ई-खसरा (डीसीएस) के अन्तर्गत खरीफ मौलम 2025 से शुरू होने वाले डिजिटल क्रॉप सर्वे कार्य से मुक्त किया जाए।
एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष पिंटू यादव द्वारा जिलाधिकारी शाहजहाँपुर को सौंपे गए पत्र में कहा गया है कि यह कार्य गैर-विभागीय एवं तकनीकी रूप से जटिल है। इसके अतिरिक्त रोजगार सेवकों को इस कार्य हेतु आवश्यक संसाधन भी उपलब्ध नहीं हैं।
रोजगार सेवकों ने अपनी समस्याएँ गिनाते हुए कहा कि—
1. अधिकांश ग्राम रोजगार सेवकों के पास उच्च गुणवत्ता वाले स्मार्टफोन उपलब्ध नहीं हैं, जबकि डिजिटल क्रॉप सर्वे में यह अनिवार्य है।
2. कई जनपदों में सर्वे कार्य के दौरान जंगली जानवरों का खतरा रहता है, इसलिए बीमा एवं सुरक्षा की व्यवस्था की जानी चाहिए।
साथ ही यह भी उल्लेख किया गया कि शासनादेश दिनांक 07 अक्टूबर 2011 के अनुसार ग्राम रोजगार सेवकों से उनके निर्धारित जॉब चार्ट के अतिरिक्त कोई कार्य नहीं लिया जा सकता।
रोजगार सेवकों का कहना है कि क्रॉप सर्वे कार्य कृषि, गन्ना एवं उद्यान विभाग जैसे तकनीकी विभागों से लिया जाना चाहिए, न कि ग्राम रोजगार सेवकों से।
एसोसिएशन ने शासन से सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए इस अतिरिक्त कार्य से ग्राम रोजगार सेवकों को मुक्त करने की मांग की है।
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