लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री नवदीप रिणवा ने उन पंजीकृत राजनैतिक दलों की सुनवाई की, जिन्होंने पिछले छह वर्षों में लोकसभा एवं विधानसभा चुनावों में भाग लेने के बावजूद निर्धारित समय सीमा तक अपनी वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट, अंशदान रिपोर्ट और निर्वाचन व्यय विवरणी आयोग को प्रस्तुत नहीं की थी।
इस सुनवाई के लिए बुधवार, 08 अक्टूबर 2025 को 45 दलों को बुलाया गया, जिसमें 24 दलों के प्रतिनिधि उपस्थित हुए और उन्होंने वर्ष 2021-22, 2022-23 और 2023-24 की रिपोर्टें और विवरणी प्रस्तुत की।
🔹 कारण बताओ नोटिस:
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कुल 127 पंजीकृत राजनैतिक दलों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। कारण यह था कि ये दल विगत तीन वित्तीय वर्षों से अपनी वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट और निर्वाचन व्यय विवरणी निर्धारित समय सीमा तक प्रस्तुत नहीं कर रहे थे, जबकि चुनाव में भाग लेने वाले प्रत्येक दल को:
सुनवाई में मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी दलों को निर्देश दिए कि अपने ईमेल, मोबाइल नंबर और वर्तमान पते को अपडेट रखें, ताकि आयोग की ओर से समय-समय पर जारी निर्देश और आवश्यक जानकारी प्राप्त होती रहे।
🔹 उपस्थित दल (कुछ उदाहरण):
🔹 मुख्य संदेश:
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि चुनाव में भाग लेने वाले प्रत्येक दल और प्रत्याशी का यह दायित्व है कि वे अपने वित्तीय विवरण समय पर प्रस्तुत करें, जिससे चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे और जनता का विश्वास मजबूत हो।
यह सुनवाई उत्तर प्रदेश में राजनीतिक दलों की जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
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