Breaking News

धोखाधड़ी कर चांदी के बदले गिलट देने वाले 3 शातिर गिरफ्तार, लाखों का माल बरामद

 

ब्यूरो चीफ प्रमोद मिश्रा, बलरामपुर ✍️

बलरामपुर। चांदी के कारोबार में धोखाधड़ी करने वाले एक संगठित गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए तीन शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से लाखों रुपये की चांदी, नगदी और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।

पुलिस के अनुसार, 10 मार्च 2026 को वादी पवन कुमार राठौर निवासी आगरा ने शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपियों ने जीएसटी अंकित फर्जी विजिटिंग कार्ड के जरिए चांदी का ऑर्डर दिया। असली माल प्राप्त करने के बाद कूटरचना कर शुद्ध चांदी के स्थान पर गिलट (नकली धातु) का माल वापस भेज दिया और साथ में फर्जी शुद्धता प्रमाण पत्र भी दिया। विरोध करने पर आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी।

मामले में थाना कोतवाली नगर पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर टीम गठित की गई। अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पांडेय और क्षेत्राधिकारी नगर ज्योति श्री के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार सिंह के नेतृत्व में 24 मार्च 2026 को तीनों आरोपियों को गोंडा रेलवे स्टेशन के पास रानीजोत मार्ग से गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तार अभियुक्तों में रवि कुमार वर्मा, आकाश अग्रहरी उर्फ शानू और लकी दुबे उर्फ प्रदुम्न शामिल हैं, जो मूल रूप से गोरखपुर के निवासी हैं।

पुलिस ने अभियुक्तों के पास से लगभग 4 किलो 435 ग्राम चांदी (कीमत करीब 11 लाख रुपये), 3.5 लाख रुपये नकद और 4 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। साक्ष्यों के आधार पर मुकदमे में अतिरिक्त धाराएं भी बढ़ाई गई हैं।

पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी फर्जी सिम और नकली पहचान का उपयोग कर सर्राफा व्यापारियों को निशाना बनाते थे। कोरियर के माध्यम से असली चांदी मंगवाकर उसकी जगह मिलावटी या गिलट माल वापस भेज देते थे और मुनाफा आपस में बांट लेते थे। इसके लिए उन्होंने ज्वैलर्स के नाम से फर्जी विजिटिंग कार्ड और जीएसटी नंबर का भी इस्तेमाल किया।

पुलिस ने गिरफ्तार अभियुक्तों को न्यायालय भेजते हुए मामले में आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

Post a Comment

0 Comments