ब्यूरो रिपोर्ट: शशांक मिश्रा
दिनांक: 31 मार्च 2026
लखनऊ। समाजवादी पार्टी प्रमुख के हालिया बयान न तो आश्चर्यजनक हैं और न ही नए। जिनकी राजनीति तुष्टिकरण, भ्रष्टाचार, अंधविश्वास और परिवारवाद पर आधारित रही हो, उनके द्वारा नैतिकता और अर्थव्यवस्था पर प्रश्न उठाना अपने आप में विरोधाभास प्रतीत होता है।
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था पर बिना वैश्विक परिप्रेक्ष्य को समझे की गई टिप्पणियां न केवल हास्यास्पद हैं, बल्कि बौद्धिक सतहीपन को भी उजागर करती हैं।
तथ्य स्पष्ट हैं:
• अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के अनुसार, भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है।
• भारत 5 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर है।
• वैश्विक मंदी, युद्ध और सप्लाई चेन संकट के बावजूद भारत ने मजबूत विकास दर बनाए रखी है।
• रिकॉर्ड प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI), तेजी से बढ़ती डिजिटल इकोनॉमी और बड़े पैमाने पर इन्फ्रास्ट्रक्चर निवेश इस प्रगति के प्रमाण हैं।
FDI (प्रत्यक्ष विदेशी निवेश):
• 2004–2014 (UPA): लगभग $266 बिलियन
• 2014–2024 (NDA): लगभग $740 बिलियन
भारत आज विश्व के शीर्ष 5 FDI गंतव्यों में शामिल है, जबकि UPA काल में यह शीर्ष 8 में भी नहीं था।
फॉरेक्स रिजर्व:
• 2004–2014: $113B → $304B
• 2014–2024: $304B → लगभग $650B
वैश्विक महामारी जैसी चुनौतियों के बावजूद लगभग दोगुना वृद्धि दर्ज की गई।
सोने का भंडारण:
• 2014: 557 टन
• 2026: 800+ टन (अब तक)
आर्थिक सुरक्षा और स्थिरता को मजबूत करने की दिशा में निरंतर प्रयास किए गए हैं।
सपा शासन की हकीकत:
डॉ. सिंह ने कहा कि सपा के शासनकाल में उत्तर प्रदेश गुंडाराज और अराजकता का पर्याय बन चुका था। व्यापारी और निवेशक भय के माहौल में काम करने को मजबूर थे तथा भ्रष्टाचार और परिवारवाद उनकी पहचान बन गए थे।
उन्होंने यह भी कहा कि यह विडंबना है कि जो लोग अंधविश्वास के कारण नोएडा जाने से बचते थे, वे आज अर्थव्यवस्था और नैतिकता पर प्रवचन दे रहे हैं।
आज भारत और उत्तर प्रदेश विकास, निवेश और सुशासन के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। जनता अब भ्रम में नहीं, बल्कि तथ्यों और विकास के साथ खड़ी है।
लखनऊ
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