लखनऊ। उत्तर प्रदेश शासन की अपराध नियंत्रण एवं 'माफिया दमन' नीति, कलेक्ट्रेट लोक सुरक्षा चार्टर तथा सूबे की विशिष्ट कमान उत्तर प्रदेश विशेष कार्यबल (UP STF) द्वारा चलाए जा रहे कड़े धरपकड़ अभियान के अनुपालन में प्रांतीय राजधानी में एक अत्यंत सनसनीखेज व हाई-प्रोफाइल हत्याकांड का सफल अनावरण किया गया है। विगत २७ मई २०२६ को जनपद लखनऊ के थाना पीजीआई क्षेत्र के अंतर्गत सरेराह हुई लब्धप्रतिष्ठित प्रॉपर्टी डीलर **संदीप सिंह** की जघन्य हत्या की घटना का एसटीएफ तथा स्थानीय पीजीआई थाना पुलिस की संयुक्त कमान टीम ने अभेद्य तकनीकी व भौतिक सर्विलांस के जरिए सफल पटाक्षेप कर दिया है। संयुक्त नाकेबंदी छापेमारी के दौरान पुलिस विंग ने घटना के मुख्य साजिशकर्ता सहित दो शातिर अभियुक्तों को कस्टडी घेराबंदी कर रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है।
प्राप्त प्रामाणिक आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह की हत्या की विसंगतिपूर्ण वारदात के बाद से ही शासन स्तर से एसटीएफ को कमान सौंपी गई थी। सर्विलांस विंग के डिजिटल इनपुट्स व मुखबिर खास की नोडल सूचना पर पीजीआई पुलिस व एसटीएफ फ्लाइंग स्क्वाड ने संयुक्त दबिश देकर **दिनेश कुमार** तथा **मुकर्रबीन उर्फ मुबीन** को दबोच लिया। विलेखीय पूछताछ में अभियुक्तों ने कबूला कि जमीन के बड़े सौदों व आपसी वर्चस्व के विसंगतिपूर्ण विवाद के चलते इस पूरी हत्या की कस्टडी साजिश रची गई थी।
| 📊 मृतक, तिथि एवं घटना प्रभाग प्रोफाइल विलेख | ⚙️ गिरफ्तार मुख्य साजिशकर्ता एवं विधिक कस्टडी क्लॉज |
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• मृतक का नाम व विधा: संदीप सिंह (प्रतिष्ठित प्रॉपर्टी डीलर संभाग प्रभाग)। • वारदात कालखंड प्रविष्टि: २७ मई, २०२६, थाना पीजीआई सर्किल, लखनऊ। • अन्वेषण कमान विंग: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (UP STF) एवं स्थानीय थाना पुलिस संयुक्त दस्ता। |
• नामजद गिरफ्तार अभियुक्तगण: १. दिनेश कुमार (मुख्य साजिशकर्ता), २. मुकर्रबीन उर्फ मुबीन। • अपराध क्लॉज धाराएं: भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत जघन्य हत्या, आपराधिक साजिश का विलेख पंजीकृत। • अग्रिम रोस्टर प्रविष्टि: दंडात्मक रिमांड प्रविष्टि पूर्ण कर अभियुक्तों को माननीय न्यायालय के समक्ष जेल प्रेषण हेतु रवाना। |
प्रॉपर्टी अंचल के इस जघन्य कांड के खुलासे के उपरांत पीजीआई, आशियाना व सुशांत गोल्फ सिटी के सम्मानित संभ्रांत नागरिकों व कलेक्ट्रेट जनसुनवाई पटल पर उपस्थित प्रबुद्ध जनों ने एसटीएफ की त्वरित व कड़क कार्यप्रणाली की मुक्तकंठ से सराहना की है। पुलिस महानिदेशालय के निर्देशों के क्रम में एसटीएफ अब पकड़े गए आरोपियों के बैंक विलेखों, बेनामी संपत्तियों तथा कॉल डिटेल्स रिकॉर्ड (CDR) का गहन डिजिटल सर्विलांस कर रही है, ताकि हत्या में प्रयुक्त अवैध हथियारों की सप्लाई करने वाले व वित्तीय मदद देने वाले अन्य पर्दे के पीछे छिपे डिफाल्टरों को भी सीधे विधिक कस्टडी में लिया जा सके।
"प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह की हत्या कलेक्ट्रेट सुशासन मर्यादा व लोक शांति के सर्वथा विपरीत एक घोर विसंगति थी। एसटीएफ व पीजीआई पुलिस कमान द्वारा ४-५ दिनों के भीतर मुख्य साजिशकर्ता दिनेश व मुबीन को साक्ष्यों सहित दबोचना जीरो टॉलरेंस नीति की अभेद्य मुस्तैदी का प्रमाण है। इस कांड में संलिप्त अन्य शूटरों व डिफाल्टरों के विलेख चिन्हित कर लिए गए हैं। कलेक्ट्रेट लोक अभियोजक को पाबंद किया गया है कि वे इन अभियुक्तों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट (Gangster Act) तथा राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत विलेख प्रविष्टि दर्ज कर इनकी अवैध संपत्तियों को समूल सीज कराने की कार्रवाई रिपोर्ट प्रेषित करें।" — एसटीएफ अपराध नियंत्रण एवं कानून व्यवस्था कमान बुलेटिन
पीजीआई मुख्य कोतवाली संभाग, तेलीबाग व रायबरेली रोड मेडिकल ग्रिड, सुशांत गोल्फ सिटी व आउटर रिंग रोड संपर्क मार्ग, चिनहट व गोमतीनगर विस्तार सर्किल, कलेक्ट्रेट जनसुनवाई मंचों और माननीय उच्च न्यायालय व जिला कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के सम्मानित प्रबुद्ध अधिवक्ताओं, विभिन्न संभ्रांत व्यापारिक कमेटियों तथा नागरिक सुरक्षा समितियों ने एसटीएफ व स्थानीय पुलिस कमान द्वारा समय रहते जघन्य अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजने के इस सुशासनात्मक कदम की खुले दिल से सराहना की है। 'सच की आवाज वेब न्यूज' पीड़ित परिवार को विधिक न्याय मिलने तक इस विलेख केस पर सतत कमान सर्विलांस बनाए रखेगा। कलेक्ट्रेट नागरिक सुरक्षा एवं शांति समन्वय सेल ने पुनः समस्त सम्मानित जनपदवासियों व प्रबुद्ध भू-स्वामियों से वैधानिक व विनम्र अपील की है कि वे जमीनों के क्रय-विक्रय विलेखों को सदैव कलेक्ट्रेट निबंधन कार्यालय के वैध नोडल माध्यमों से ही पूर्ण करें तथा संदेहास्पद सिंडिकेट बिचौलियों व डिफाल्टर तत्वों से पूरी तरह सचेत रहें। यदि आपके अंचल, सोसायटियों या मोहल्लों के भीतर अवैध कब्जे, भू-माफियाओं की अमर्यादित हलचल, या कलेक्ट्रेट सुरक्षा मानकों की अवहेलना परिलक्षित हो, तो मूकदर्शक न रहें; तत्काल इसकी प्रामाणिक गोपनीय सूचना वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय, संबंधित क्षेत्राधिकारी या नोडल पुलिस आपातकालीन रिस्पॉन्स कमान नंबर **'११२'** पर प्रेषित करें। आपकी समयबद्ध सजगता ही सुशासित लखनऊ के सुरक्षित कल की अभेद्य ढाल है।
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