शाहजहाँपुर। रिश्तों के कलेक्टिव ताने-बाने को कड़ाई से बिखरने से बचाने और टूटे मनों को जोड़ने के संकल्प के साथ आज पुलिस लाइन शाहजहाँपुर में सुशासन का एक मानवीय विलेख देखने को मिला। पुलिस अधीक्षक शाहजहाँपुर के कुशल कमान निर्देशन में आज परिवार परामर्श केंद्र का कलेक्टिव आयोजन अत्यंत संवेदनशीलता के साथ किया गया। परामर्श केंद्र के समक्ष कुल 25 वैवाहिक पत्रावलियों पर कड़ाई व गहराई से सुनवाई की गई, जिसके सकारात्मक परिणाम धरातल पर दिखाई दिए।
आज की सुनवाई के दौरान थाना बंडा क्षेत्र से संबंधित एक जटिल पारिवारिक विवाद का कलेक्टिव समाधान निकाला गया। यहाँ पिछले 04 वर्षों से विवाहित एक दंपति के मध्य आपसी कहासुनी और गलतफहमियों के चलते कड़ा मनमुटाव चल रहा था। आवेदिका महिला पिछले करीब डेढ़ महीने से अपने मायके में शरण लिए हुए थी। काउंसलिंग विलेख के दौरान सामने आया कि पति द्वारा अपनी चाची की बातों में आकर आवेदिका के साथ कड़ाई व मारपीट का व्यवहार किया जाता था, और दोनों एक-दूसरे की बातें मानने को तैयार नहीं थे।
• 📂 25 पत्रावलियों की कड़क समीक्षा: केंद्र पर आई सभी 25 पत्रावलियों के दोनों पक्षों को कमान परिसर में बुलाकर कलेक्टिव वार्ता का शांतिपूर्ण अवसर दिया गया।
• 🤝 आपसी सहमति से अटूट समझौता: बंडा के दंपति को परामर्शदाताओं ने जीवन के विलेख समझाए, जिसके बाद दोनों पक्षों ने अपने कड़े अहंकार को छोड़कर आपसी सहमति से कलेक्टिव सुलह समझौते पर हस्ताक्षर किए।
• 🌸 मुस्कुराहट के साथ सकुशल विदाई: 04 साल पुराने वैवाहिक बंधन को टूटने से बचाते हुए, केंद्र की टीम ने दंपति को कलेक्टिव आशीर्वाद देकर विदा किया।
| 📍 कमान केंद्र व कार्यक्षेत्र विलेख | 👤 कलेक्टिव परामर्शदाता एवं सुरक्षा बल दल |
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• परिवार परामर्श केंद्र (पुलिस लाइन शाहजहाँपुर) • कुल पत्रावलियां: 25 कलेक्टिव केस • विलेख सफलता: 01 दंपति की सकुशल घर वापसी |
• म०उ०नि० श्रीमती मधु यादव (प्रभारी, परिवार परामर्श केंद्र) • श्रीमती शशि प्रभा कौशल (महिला परामर्शदाता) • चंद्रकांता शर्मा (महिला मुख्य आरक्षी) • मोनिका कुमारी, नेहा चौहान, निशा मिश्रा, रश्मि चौधरी (महिला आरक्षी) • साकेत (आरक्षी कलेक्टिव कमान) |
परामर्श केंद्र की कमान टीम ने दोनों पक्षों को कड़ाई से समझाया कि वैवाहिक जीवन कलेक्टिव सूझबूझ और आपसी विलेख से चलता है, किसी तीसरे के बहकावे में आकर अपना घर उजाड़ना बुद्धिमानी नहीं है। टीम की इस कड़क व ममतामयी काउंसलिंग का असर यह हुआ कि पति ने अपनी गलती स्वीकार की और भविष्य में मारपीट न करने का कड़ा वचन दिया। इसके बाद दोनों ने कलेक्टिव रूप से एक साथ रहने का निर्णय लिया।
"पुलिस का काम केवल दंड देना ही नहीं, बल्कि समाज में कलेक्टिव समरसता बनाए रखना भी है। शाहजहाँपुर पुलिस लाइन का यह परिवार परामर्श केंद्र मुख्यमंत्री जी के 'सशक्त परिवार-सुरक्षित समाज' के कमान संकल्प को कड़ाई से चरितार्थ कर रहा है। एक बिखरे हुए परिवार को विलेखीय काउंसलिंग के माध्यम से दोबारा जोड़ना, न्यायालयों के चक्कर काटने से बचाने वाली एक कड़क और सराहनीय कलेक्टिव प्रशासनिक पहल है।"
'सच की आवाज' वेब न्यूज के माध्यम से हमारे कमान कलेक्टिव स्टेट ब्यूरो हेड योगेंद्र सिंह यादव ने इस मानवीय सुशासन विलेख की सराहना करते हुए बताया कि कप्तान के कुशल कमान नेतृत्व में शाहजहाँपुर पुलिस आमजन के पारिवारिक विवादों का कड़ाई व संवेदनशीलता के साथ कलेक्टिव निस्तारण कर समाज में विश्वास की नई अलख जगा रही है।
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