शाहजहाँपुर। सड़क हादसों पर कड़ाई से अंकुश लगाने, दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित कैशलेस इलाज उपलब्ध कराने और भारत सरकार की जनकल्याणकारी डिजिटल नीतियों को धरातल पर उतारने के लिए जिला पुलिस ने एक बड़ा कमान विलेख शुरू किया है। पुलिस अधीक्षक शाहजहाँपुर श्री सौरभ दीक्षित के कुशल निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक नगर श्री देवेन्द्र कुमार के कड़े कलेक्टिव पर्यवेक्षण में आज रिजर्व पुलिस लाइन सभागार में एक दिवसीय तकनीकी कार्यशाला का आयोजन किया गया।
यातायात क्षेत्राधिकारी श्री शुभम वर्मा के नेतृत्व में आयोजित इस कमान प्रशिक्षण सत्र में जिले के समस्त थानों के सीसी (CCTNS) टीम प्रभारियों को सड़क दुर्घटनाओं के सटीक और पारदर्शी पंजीकरण के गुर सिखाए गए। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य eDAR (Electronic Detailed Accident Report) और iRAD (Integrated Road Accident Database) प्लेटफॉर्म पर डेटा फीडिंग की कलेक्टिव प्रक्रिया को शत-प्रतिशत त्रुटिहीन बनाना रहा।
• 🎯 ब्लैक स्पॉट्स का कड़ा चिन्हांकन: iRAD के रोल आउट मैनेजर श्री अखिलेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि दुर्घटनाओं का डिजिटल डेटा पूरी कड़ाई से फीड होने पर ही दुर्घटना-प्रवण क्षेत्रों (Black Spots) की कलेक्टिव मैपिंग कर सुरक्षात्मक कदम उठाए जा सकेंगे।
• 🆔 विशिष्ट Victim ID का कमान सृजन: नवीनतम निर्देशों के तहत अब सड़क हादसे में घायल अस्पताल में भर्ती प्रत्येक पीड़ित के लिए विस्तृत दुर्घटना रिपोर्ट (DAR) पोर्टल पर एक विशिष्ट 'Victim ID' जेनरेट करना कलेक्टिव रूप से अनिवार्य कर दिया गया है।
• 💻 CCTNS के साथ कड़ा एकीकरण: थानों में दर्ज होने वाली एफआईआर (FIR) के साथ ही पीड़ितों की 'Victim ID' का समयबद्ध सृजन सुनिश्चित करने हेतु सिस्टम को पूरी तरह पारदर्शी व तकनीकी रूप से अभेद्य बनाने का कड़ा प्रशिक्षण दिया गया।
| 📍 कलेक्टिव डिजिटल प्लेटफॉर्म विलेख | 🏥 पीड़ित राहत एवं मुआवजा कमान लक्ष्य |
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• eDAR (इलेक्ट्रॉनिक डिटेल्ड एक्सीडेंट रिपोर्ट) • iRAD (इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डेटाबेस) • CCTNS कलेक्टिव एकीकरण सुशासन |
• पीड़ितों को पीएम राहत योजना के तहत तत्काल कैशलेस इलाज। • अंतर्विभागीय समन्वय स्थापित कर समयबद्ध डिजिटल विलेख संकलन। • दुर्घटना मुआवजे और सरकारी दावों का पारदर्शी व शीघ्र कलेक्टिव निपटारा। |
प्रशिक्षण के अंत में तकनीकी सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें टीम प्रभारियों द्वारा ऐप संचालन के दौरान आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों और लॉग-इन से संबंधित तकनीकी प्रश्नों का विशेषज्ञों द्वारा कड़ा समाधान किया गया। उच्चाधिकारियों ने कार्यशाला के सफल समापन पर कमान निर्देश जारी करते हुए कहा कि इस प्रशिक्षण का फील्ड में कड़ाई से अनुपालन किया जाए, ताकि पीड़ितों को त्वरित राहत मिल सके। इस गरिमामयी कार्यशाला में यातायात निरीक्षक श्री बच्चू सिंह, टीएसआई श्री विनय पाण्डेय सहित जनपद के अन्य कलेक्टिव पुलिस अधिकारी व कर्मचारी मुख्य रूप से मौजूद रहे।
"सड़क दुर्घटना के 'गोल्डन ऑवर' में पीड़ित को तुरंत कैशलेस इलाज मिलना जीवन और मृत्यु के बीच का सबसे बड़ा विलेख अंतर पैदा करता है। eDAR और CCTNS का यह कलेक्टिव तकनीकी समन्वय शाहजहाँपुर पुलिस के प्रशासनिक कमान इकबाल को और सशक्त बनाता है। 'Victim ID' के माध्यम से डेटा को पारदर्शी बनाना मुख्यमंत्री जी के 'डिजिटल सुशासन' और 'सुरक्षित उत्तर प्रदेश' के कमान संकल्प की एक कड़क और जीवंत मिसाल है।"
'सच की आवाज' वेब न्यूज के माध्यम से हमारे कमान कलेक्टिव स्टेट ब्यूरो हेड योगेंद्र सिंह यादव ने इस ग्राउंड ब्रेकिंग तकनीकी सुशासन कार्यशाला की समीक्षा करते हुए बताया कि तकनीक से लैस उत्तर प्रदेश पुलिस का यह कड़ा विलेखीय प्रयास भविष्य में सड़क सुरक्षा और जनसेवा की दिशा में एक कलेक्टिव मील का पत्थर साबित होगा।
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