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बुनियादी भाषा और संख्या ज्ञान पर ब्लॉक स्तरीय संदर्भदाताओं का प्रशिक्षण सम्पन्न, नवचयनित एआरपी को सौंपे गए दायित्व, डीआईईटी ददरौल में प्रशिक्षण के समापन सत्र में दी गई निपुण भारत मिशन से जुड़ी जानकारी

स्टेट ब्यूरो हेड: योगेंद्र सिंह यादव, उत्तर प्रदेश

शाहजहाँपुर, 26 जुलाई। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), ददरौल में बुनियादी भाषा एवं संख्या ज्ञान तथा नवीन एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकों पर आधारित ब्लॉक स्तरीय संदर्भदाताओं (एआरपी/केआरपी) के प्रशिक्षण का समापन समारोह आयोजित किया गया। प्रशिक्षण के समापन अवसर पर डायट प्राचार्य सोनिया गुप्ता ने सभी प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त शैक्षिक अवधारणाओं को वे अपने क्षेत्र के शिक्षकों तक प्रभावी रूप से संप्रेषित करें, ताकि कक्षा शिक्षण की गुणवत्ता में सुधार हो।

राज्य परियोजना कार्यालय से आईं सुश्री मोहिनी ठाकुर ने नवचयनित एआरपी को उनके कर्तव्यों और दायित्वों के प्रति सजग करते हुए पाठ्यपुस्तक वितरण प्रणाली, ज्ञान समीक्षा ऐप और निपुण टीचर ऐप की विशेषताओं पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि डिजिटल उपकरणों का समुचित उपयोग अब शिक्षकों के लिए अत्यंत आवश्यक हो गया है।

कार्यक्रम के शैक्षिक सत्रों में एसआरजी डॉ. अरुण गुप्ता ने निपुण भारत की अकादमिक रणनीति, अश्वनी कुमार ने गणित विषय की शिक्षण विधियों, तथा ममता शुक्ला ने भारतीय ज्ञान परंपरा पर गहन विचार साझा किए।

प्रशिक्षण के समापन पर प्राचार्य सोनिया गुप्ता एवं प्रवक्ता बी.एल. मौर्य द्वारा सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किए गए। उन्होंने प्रशिक्षकों और प्रतिभागियों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम बच्चों की बुनियादी शिक्षा को सशक्त करने की दिशा में एक सार्थक पहल है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रवक्ता टी.आर. गंगवार, पल्लवी वर्मा, शुभम तिवारी, जितेंद्र गुप्ता, हरिवंश पाठक, उपेंद्र तिवारी, धर्मेंद्र सिंह, राजवीर सिंह, ओपी राजपूत, नवनीत तिवारी, अनिता यादव, मंजू देवी, स्नेहलता, रजनीश बाजपेई, अतुल शुक्ला, रूपेंद्र जीत सिंह, संजीव कुमार, राममूर्ति, आकाश शंखधर एवं अवनीश मिश्र सहित कई एआरपी और केआरपी उपस्थित रहे।

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम निपुण भारत मिशन के उद्देश्यों की पूर्ति की दिशा में एक मजबूत कड़ी साबित हुआ है।

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