शाहजहाँपुर।
ब्लॉक भावलखेड़ा की आशा कार्यकर्ताओं ने बकाया भुगतान न मिलने पर नाराज़गी जताते हुए अपने धरना प्रदर्शन को 15 नवंबर 2025 से 30 नवंबर 2025 तक के लिए अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया है। आशाओं ने यह निर्णय मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) के आश्वासन के बाद लिया है, जिसमें 15 दिनों के भीतर सभी लंबित भुगतानों को निस्तारित करने का वादा किया गया था।
आशा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पिछले कई महीनों से उन्हें केवल कागजी कार्यवाही में उलझाया जा रहा है और बीसीपीएम एवं एमओआईसी द्वारा छोटे-छोटे मदों का भुगतान भी लगातार काटा जा रहा है।
आशाओं ने अपने बकाया भुगतान की मदवार सूची भी जारी की है—
आशाओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 30 नवंबर 2025 तक सभी भुगतान मदवार क्लियर नहीं किए गए, तो वे 1 दिसंबर 2025 से पुनः धरने पर लौट आएँगी, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग एवं प्रशासन की होगी।
पिछले दिनों सीएमओ शाहजहाँपुर ने धरनास्थल पर पहुंचकर यह आश्वासन दिया था कि “आशाओं का एक-एक रुपये का हिसाब कर भुगतान किया जाएगा।”
लेकिन आशाओं का कहना है कि अब तक इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए।
आगामी दिनों में भुगतान प्रक्रिया तेजी से न होने की स्थिति में जिले की स्वास्थ्य सेवाएँ प्रभावित हो सकती हैं।
लखनऊ
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