शाहजहांपुर।
कलेक्ट्रेट स्थित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष में मंगलवार को जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में पैराई सत्र 2025-26 के संचालन पूर्व चीनी मिलों के अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में समस्त चीनी मिलों के इकाई प्रमुख, महाप्रबंधक (गन्ना), जिला गन्ना अधिकारी, एआरटीओ, बाट माप निरीक्षक, थानाध्यक्ष, सचिव एवं एससीडीआई उपस्थित रहे।
डीएम ने स्पष्ट कहा कि मकसूदापुर चीनी मिल गत सत्र के बकाया गन्ना मूल्य का पूर्ण भुगतान करने के बाद ही पैराई सत्र प्रारंभ करेगी। यदि बकाया भुगतान नहीं किया जाता है तो मिल संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी।
उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी गन्ना क्रय केंद्र पर कृषकों से लदाई-उतराई के नाम पर कोई भी धनराशि वसूलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सभी केंद्रों पर यह सूचना स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जाएगी कि कृषकों से इस प्रकार की कोई राशि नहीं ली जाएगी।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि
डीएम ने निगोही चीनी मिल को विशेष निर्देश दिए कि पैराई सत्र के दौरान सड़क पर जाम या भीड़ की स्थिति न बनने पाए तथा यातायात सुचारू रहे।
डीएम ने कहा कि प्रेस मड की निकासी के दौरान प्रदूषण नियंत्रण मानकों का पालन अनिवार्य है।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि गन्ने की सूखी पत्तियों को जलाने पर रोक लगाने के लिए फ्लेक्सी बोर्ड और जागरूकता अभियान चलाया जाए।
यदि कोई कृषक सूखी पत्तियाँ जलाता पाया गया तो उसका सट्टा पूरा पैराई सत्र बंद कर दिया जाएगा।
बाट माप निरीक्षक को सभी धर्मकाँटों की नियमित जाँच और सत्यापन के निर्देश दिए गए ताकि तोल में पारदर्शिता बनी रहे।
थानाध्यक्षों से कहा गया कि एक्सीडेंट की स्थिति में गन्ना लदी ट्राली को थाने में न खड़ा किया जाए, बल्कि गन्ने को तत्काल निकटतम मिल में डिस्पोज कराया जाए ताकि किसानों की फसल नष्ट न हो।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व) अरविंद कुमार, डीसीओ जितेंद्र कुमार, एआरटीओ सर्वेश सिंह सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
डीएम ने कहा कि “जनहित, पारदर्शिता और सुरक्षा के दृष्टिगत सभी गन्ना इकाइयों को नियमों का पालन करना अनिवार्य है।”
लखनऊ
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